Monday, June 15, 2026

हर दिल को एक कंधे की चाहत है,

 भटकते हैं सभी, हर दिल को एक कंधे की चाहत है, 

मगर अपना ही कंधा छोड़ देना एक आदत है।

समेटे क्यों कोई सुख-दुःख अकेला अपने ही भीतर, 

ज़माने से छुपाना खुद को कैसी ये बगावत है?

जो अंकुर की तरह फूटे, बढ़े और दूर हो जाएँ,

 ये रिश्तों का बिखराव तो पौधों की सियासत है।

जो सदियों से यहाँ मौजूद ही नहीं वजूद में अपने, 

उसी इतिहास को दोहराना कैसी ये रिवायत है?

चले हैं 'शिव' जहाँ में ढूँढने हमदर्द को अपने, 

मगर इस खालीपन में जीना भी तो इक इबादत है।

~~~~~~~~शिव मिश्रा ~~~~~~

  

🌿 सुखद क्षण — मधुर संगीत 🎶

 

🌿 सुखद क्षण — मधुर संगीत 🎶


तेरी आँखों में जो सपने हैं,
मेरी आँखों का भी वही गीत,
तेरे संग हर पल लगता है,
जैसे हो मधुर संगीत।

ओ साथी मेरे, ओ हमदम मेरे,
दिल की धड़कन बन जाओ,
इस हरियाली की छाँव तले,
मेरा जीवन महकाओ।।



फूलों की खुशबू कहती है,
तुम पास मेरे आ जाओ,
पत्तों की सरसर धुन बनकर,
मेरे मन में बस जाओ।

कोयल भी मीठे सुर में गाए,
सुनकर अपनी प्रीत,
तेरे संग हर पल लगता है,
जैसे हो मधुर संगीत।।



नदिया की बहती लहरों में,
तेरा ही नाम सुनाई दे,
सावन की भीगी बूँदों में,
तेरी मुस्कान दिखाई दे।

बुलबुल गाए, पवन सुनाए,
प्रेम भरे मनमीत,
तेरे संग हर पल लगता है,
जैसे हो मधुर संगीत।।



सूरज की पहली किरणों में,
तेरा चेहरा खिल जाता है,
चाँदनी रातों की बाहों में,
मेरा मन खो जाता है।

संग तुम्हारे हर मौसम में,
महके जीवन-गीत,
तेरे संग हर पल लगता है,
जैसे हो मधुर संगीत।।



रुक जाएँ ये घड़ियाँ सारी,
थम जाए यह संसार,
बस तेरी मेरी बातें हों,
और आँखों में प्यार।

हाथों में हाथ रहे जब तक,
धड़कें प्रेम-प्रीत,
तेरे संग हर पल लगता है,
जैसे हो मधुर संगीत।।



तेरी आँखों में जो सपने हैं,
मेरी आँखों का भी वही गीत,
तेरे संग हर पल लगता है,
जैसे हो मधुर संगीत...

तेरे संग हर पल लगता है,
जैसे हो मधुर संगीत... 🎶🌿❤️

🌿 सांसो का संगीत 🎶

🌿 साँसों का संगीत 🎶


पलकों की छाँव तले बैठें हम,
गाएँ मन के गीत,
संग तुम्हारे खिल उठता है,
सांसों का  संगीत।


फलों की छाँव तले बैठें हम,
गाएँ मन के गीत,
संग तुम्हारे खिल उठता है,
हर सुखद संगीत।।


मंद पवन जब छूकर जाए,
मन में राग जगाए,
कोयल मीठे सुर में गाकर,
प्रेम कथा दोहराए।


पत्तों की सरसर धुन बन जाए,
झूम उठे हर प्रीत,
संग तुम्हारे खिल उठता है,
साँसों का संगीत।।


नीले नभ की चूनर ओढ़े,
सपनों का संसार,
तेरी  मीठी बातें होती,
जैसे पहला प्यार।

पल-पल बन जाए याद सुहानी,
हर धड़कन नव गीत,
संग तुम्हारे खिल उठता है,
साँसों का  संगीत।।


बुलबुल, तोता, कोयल गाएँ,
मिलकर नई बहार,
हँसी तुम्हारी जैसे बिखरे,
फूलों का उपहार।


जीवन की इस मधुर डगर पर,
साथ रहे मनमीत,
संग तुम्हारे खिल उठता है,
सांसों का  संगीत।।


जब तक सूरज, चाँद, सितारे,
जब तक यह जग रीत,
तुम संग हर पल गुनगुनाऊँ,
प्रेम भरा यह गीत।।


पलकों की छाँव तले बैठें हम,
गाएँ मन के गीत,
संग तुम्हारे खिल उठता है,
सांसों  का  संगीत।। 🎶🌿

~~~~~~~~शिव मिश्र ~~~~~~~