तेरे संग मधुर संगीत
तेरी आँखों में जो सपने हैं,
मेरी आँखों में वही प्रीत,
तेरे संग हर पल लगता है,
जैसे हो मधुर संगीत।
ओ साथी मेरे, ओ हमदम मेरे,
दिल की धड़कन बन जाओ,
इस हरियाली की छाँव तले,
मेरा जीवन महकाओ।।
फूलों की खुशबू कहती है,
तुम पास मेरे चले आओ,
पत्तों की सरसर धुन बनकर,
मेरे मन में बस जाओ।
कोयल भी मीठे सुर में गाए,
लेकर अपनी मधुर प्रीत,
तेरे संग हर पल लगता है,
जैसे हो मधुर संगीत।।
नदिया की बहती लहरों में,
तेरा ही नाम सुनाई दे,
सावन की भीगी बूँदों में,
तेरी मुस्कान दिखाई दे।
बुलबुल गाए, पवन सुनाए,
प्रेम भरे ये पावन गीत,
तेरे संग हर पल लगता है,
जैसे हो मधुर संगीत।।
सूरज की पहली किरणों में,
तेरा चेहरा खिल जाता है,
चाँदनी रात की बाहों में,
मेरा मन खो जाता है।
संग तुम्हारे हर मौसम में,
महके जीवन का हर गीत,
तेरे संग हर पल लगता है,
जैसे हो मधुर संगीत।।
रुक जाएँ ये घड़ियाँ सारी,
थम जाए यह संसार,
बस मीठी-मीठी बातें हों,
और आँखों में हो प्यार।
हाथों में हाथ रहे जब तक,
मन में जागे प्रेम-प्रीत,
तेरे संग हर पल लगता है,
जैसे हो मधुर संगीत।।
तेरी आँखों में जो सपने हैं,
मेरी आँखों में वही प्रीत,
तेरे संग हर पल लगता है,
जैसे हो मधुर संगीत...
तेरे संग हर पल लगता है,
जैसे हो मधुर संगीत...
~~~~~~~~शिव मिश्रा ~~~~~~~~
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